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शादी कार्ड के शब्द

विनीत, दर्शनाभिलाषी, चि. और सौ.कां. का मतलब: शादी कार्ड के 30 शब्द और किसका नाम कहाँ लिखें

शादी कार्ड पर छपने वाले 30 शब्दों का मतलब, रोमन उच्चारण और अंग्रेज़ी अर्थ के साथ। साथ में यह भी कि संयुक्त परिवार में या माता-पिता में से किसी के न रहने पर नाम कैसे लिखें।

Sadar Nimantran स्टूडियो की ओर से19 मिनट का लेख

संक्षेप में

शादी कार्ड पर विनीत के नीचे निमंत्रण देने वाले माता-पिता या घर के मुखिया का नाम आता है। दर्शनाभिलाषी में वे क़रीबी रिश्तेदार आते हैं जो आपसे मिलने की राह देख रहे हैं, जैसे चाचा-ताऊ, और स्वागतोत्सुक या स्वागताकांक्षी में भाई, भतीजे और दोस्त जो स्वागत करेंगे। दूल्हे के नाम से पहले चि. (चिरंजीवी) और अविवाहित दुल्हन के नाम से पहले सौ.कां. (सौभाग्यकांक्षिणी) लिखते हैं।

इस लेख में
  1. विनीत, दर्शनाभिलाषी और स्वागतोत्सुक में क्या अंतर है?
  2. दूल्हे के नाम से पहले चि. और दुल्हन के नाम से पहले सौ.कां. क्यों लिखते हैं?
  3. श्री गणेशाय नमः और वक्रतुण्ड महाकाय श्लोक का अर्थ क्या है?
  4. शुभ मिति, पाणिग्रहण और प्रीतिभोज का मतलब क्या है? (कार्यक्रम और भोजन के शब्द)
  5. बाल मनुहार क्या है और कार्ड में कहाँ लिखते हैं?
  6. संयुक्त परिवार हो या माता-पिता में से कोई न रहे, तो नाम कैसे लिखें?
  7. निमंत्रण लिंक पर ये शब्द कहाँ आते हैं?
  8. लोग अक्सर पूछते हैं

शादी का कार्ड लिखते समय सबसे ज़्यादा उलझन नीचे वाले हिस्से में होती है: विनीत के नीचे किसका नाम जाए, दर्शनाभिलाषी के नीचे किसका, और दुल्हन के नाम से पहले सौ. लिखें या सौ.कां.। यह लेख कार्ड पर छपने वाले 30 शब्दों का मतलब बताता है, हर शब्द के साथ उसका रोमन उच्चारण और एक पंक्ति का अंग्रेज़ी अर्थ भी।

शब्द उसी क्रम में रखे गए हैं जिसमें वे कार्ड पर आते हैं: परिवार के नाम, दूल्हा-दुल्हन के आदरसूचक शब्द, श्लोक, और फिर कार्यक्रम और भोजन। एक बात पहले ही साफ़ कर दें: एक ही शब्द के नीचे एक परिवार चाचा-ताऊ के नाम छापता है और दूसरा भाइयों के। यहाँ लिखी बातें आम चलन हैं, नियम नहीं, और आख़िरी फ़ैसला घर के बड़ों का है। पूरे कार्ड के तैयार टेम्पलेट शादी कार्ड मैटर वाले लेख में हैं।

विनीत, दर्शनाभिलाषी और स्वागतोत्सुक में क्या अंतर है?

विनीत वे हैं जो निमंत्रण दे रहे हैं, दर्शनाभिलाषी वे जो आपसे मिलने की राह देख रहे हैं, और स्वागतोत्सुक वे जो द्वार पर आपका स्वागत करने को उत्सुक हैं। तीनों शब्द कार्ड के आख़िरी हिस्से में छपते हैं, और हर एक के नीचे परिवार का अलग हिस्सा आता है।

शब्दों के अर्थ सीधे हैं। HinKhoj शब्दकोश में विनीत का अर्थ विनम्र और आदर करने वाला (courteous, respectful) दिया है, अभिलाषी का अर्थ इच्छा रखने वाला (desirous), और उत्सुक का अर्थ किसी बात के लिए आतुर (eager)। दर्शनाभिलाषी में दर्शन का मतलब आपको देखना और आपसे मिलना है।

कार्ड पर परिवार के नामों के ऊपर छपने वाले 10 शब्द, और उनके नीचे अक्सर किसका नाम आता है
शब्दउच्चारणमतलबकिसका नाम
विनीतVineet (vinit)विनम्रता से निमंत्रण देने वाले (humbly, the hosts)निमंत्रण देने वाले माता-पिता, या घर के मुखिया जैसे दादा जी
निवेदकNivedakनिवेदन यानी विनती करने वाले (the ones who request)विनीत की जगह छपता है; वही माता-पिता या मुखिया
दर्शनाभिलाषीDarshanabhilashiदर्शन और अभिलाषी: आपसे मिलने की इच्छा रखने वाले (those who long to see you)चाचा-ताऊ, बड़े भाई और उनके परिवार; कुछ परिवार दादा-दादी और माता-पिता को भी यहाँ लिखते हैं
स्वागतोत्सुकSwagatotsukस्वागत और उत्सुक: आपका स्वागत करने को उत्सुक (eager to welcome you)भाई, चचेरे-ममेरे भाई, भतीजे और दोस्त, यानी जो द्वार पर मिलेंगे
स्वागताकांक्षीSwagatakankshiस्वागत की आकांक्षा रखने वाले (wishing to welcome you)स्वागतोत्सुक जैसा; कुछ परिवार यहाँ बुआ-फूफा, मौसा-मौसी, मामा और जीजा के नाम लिखते हैं
स्वागतकर्ताSwagatkartaस्वागत करने वाले (the welcoming hosts)घर के युवा सदस्य और दोस्त; कुछ कार्डों पर स्वागतोत्सुक की जगह
आकांक्षीAakankshiइच्छा रखने वाले (those who hope you will come)कुछ कार्डों पर दर्शनाभिलाषी की जगह, उन्हीं रिश्तेदारों के लिए
ननिहाल पक्षNanihal Pakshमाँ के मायके का परिवार (the mother's side of the family)नाना-नानी, मामा-मामी, या बस समस्त [उपनाम] परिवार और उनका शहर
बाल मनुहार, बाल आग्रह, मीठी मनुहारBaal Manuhar, Baal Aagrah, Meethi Manuharबच्चों की ओर से प्यार भरी विनती (the children's request)घर के छोटे बच्चे, अक्सर उनके घर के नामों से
शुभाशीर्वाद, स्वर्गीय आशीर्वाद, पुण्य स्मृतिShubhashirwad, Swargiya Aashirwad, Punya Smritiबड़ों का आशीर्वाद, और जो अब नहीं रहे उनकी याद (with the blessings of; in loving memory)दादा-दादी और घर के बड़े; जो नहीं रहे उनके नाम से पहले स्व.

दर्शनाभिलाषी में माता-पिता का नाम लिखें या नहीं, इस पर परिवारों की दो राय हैं। कुछ परिवार मानते हैं कि माता-पिता विनीत में आ चुके हैं, इसलिए दर्शनाभिलाषी में चाचा-ताऊ और दूसरे बड़े ही रहें। कुछ परिवार पिता का नाम दोनों जगह रखते हैं। दोनों तरीक़े कार्डों पर मिलते हैं, और दोनों ठीक हैं।

नीचे दूल्हे के परिवार के कार्ड का नामों वाला हिस्सा है, उसी क्रम में जिसमें ज़्यादातर कार्ड छपते हैं। कोष्ठक में अपने परिवार के नाम भरें, और जो हिस्सा आपके परिवार में नहीं चलता, उसे हटा दें।

दूल्हे के परिवार के कार्ड पर नामों का हिस्सा, हिंदी
शुभाशीर्वाद श्रीमती [दादी जी का नाम] एवं स्व. श्री [दादा जी का नाम] दर्शनाभिलाषी श्रीमती [ताई जी का नाम] एवं श्री [ताऊ जी का नाम] श्रीमती [चाची जी का नाम] एवं श्री [चाचा जी का नाम] श्रीमती [बुआ जी का नाम] एवं श्री [फूफा जी का नाम] स्वागतोत्सुक [भाइयों और चचेरे भाइयों के नाम] [बहन और जीजा जी के नाम] एवं समस्त [उपनाम] परिवार ननिहाल पक्ष समस्त [ननिहाल का उपनाम] परिवार, [नगर] बाल मनुहार [छोटे बच्चों के घर के नाम] विनीत श्रीमती [माता का नाम] एवं श्री [पिता का नाम] [घर का पता]

दुल्हन के परिवार का कार्ड भी इसी क्रम में चलता है। अगर दादा जी घर के मुखिया हैं और निमंत्रण उनकी ओर से जा रहा है, तो उनका नाम विनीत में लिखें और माता-पिता का नाम दर्शनाभिलाषी में सबसे ऊपर।

दूल्हे के परिवार के कार्ड पर नामों का हिस्सा, रोमन लिपि में
Shubhashirwad Shrimati [dadi ji ka naam] evam Sw. Shri [dada ji ka naam] Darshanabhilashi Shrimati [tai ji ka naam] evam Shri [tau ji ka naam] Shrimati [chachi ji ka naam] evam Shri [chacha ji ka naam] Shrimati [bua ji ka naam] evam Shri [phupha ji ka naam] Swagatotsuk [bhaiyon aur chachere bhaiyon ke naam] [behen aur jija ji ke naam] evam samast [upnaam] Parivar Nanihal Paksh Samast [nanihal ka upnaam] Parivar, [nagar] Baal Manuhar [chhote bachchon ke ghar ke naam] Vineet Shrimati [mata ka naam] evam Shri [pita ka naam] [ghar ka pata]

दूल्हे के नाम से पहले चि. और दुल्हन के नाम से पहले सौ.कां. क्यों लिखते हैं?

चि. चिरंजीवी का छोटा रूप है, जिसका अर्थ है लंबी उम्र वाला, और दूल्हे के नाम से पहले यह लंबी उम्र का आशीर्वाद है। सौ.कां. सौभाग्यकांक्षिणी का छोटा रूप है, यानी सौभाग्य की कामना करने वाली, और यह अविवाहित दुल्हन के लिए लिखा जाता है क्योंकि कार्ड छपते समय उसका विवाह अभी हुआ नहीं होता।

अकेला सौ. आम तौर पर सौभाग्यवती पढ़ा जाता है, यानी वह विवाहित स्त्री जिसका पति जीवित है, इसीलिए कुछ कार्डों और चिट्ठियों में विवाहित स्त्रियों के नाम से पहले भी सौ. लिखा मिलता है। दुल्हन के आगे छपे सौ. पर स्रोत भी एक राय नहीं रखते: Aaj Tak की वेब स्टोरी (15 फ़रवरी 2025) और Times Now Hindi (17 मार्च 2025) इसे सौभाग्यकांक्षिणी बताते हैं, जबकि Asianet News Hindi (27 अप्रैल 2024) सौभाग्यवती। जो परिवार यह फ़र्क़ साफ़ रखना चाहते हैं, वे दुल्हन के लिए पूरा सौ.कां. लिखते हैं।

दूल्हा-दुल्हन और रिश्तेदारों के नाम से पहले लगने वाले 9 आदरसूचक शब्द
संक्षेपपूरा शब्दमतलबकिसके नाम से पहले
चि.चिरंजीवी (Chiranjeevi); मराठी में चिरंजीवलंबी उम्र वाला (long-lived)दूल्हे के
सौ.कां.सौभाग्यकांक्षिणी (Saubhagyakankshini)सौभाग्य की कामना करने वाली (one who wishes for a blessed married life)अविवाहित दुल्हन के
सौ.सौभाग्यवती (Saubhagyavati)सौभाग्य वाली, विवाहित स्त्री (a married woman)विवाहित स्त्रियों के; कई कार्ड दुल्हन के आगे भी छोटा सौ. ही लिखते हैं
चि. सौ. कां.चिरंजीव सौभाग्यकांक्षिणी (Chiranjeev Saubhagyakankshini)लंबी उम्र और सौभाग्य, दोनों का आशीर्वाददुल्हन के, ख़ासकर मराठी लग्न पत्रिका में
आयु.आयुष्मान (Ayushman), आयुष्मती (Ayushmati)लंबी उम्र वाला या वाली (long-lived)दूल्हे या दुल्हन के, कुछ परिवारों में चि. या सौ.कां. की जगह
कु.कुमारी (Kumari)अविवाहित लड़की (Miss)दुल्हन के; कुछ परिवार सौ.कां. की जगह यही लिखते हैं
सुपुत्र, सुपुत्रीSuputra, Suputriबेटा, बेटी (son of, daughter of)दूल्हे या दुल्हन के परिचय में, माता-पिता के नामों से पहले
सुपौत्र, सुपौत्रीSupautra, Supautriपोता, पोती (grandson of, granddaughter of)दादा-दादी के नामों से पहले
स्व.स्वर्गीय (Swargiya)जो अब नहीं रहे (the late)दिवंगत रिश्तेदार के नाम से पहले, श्री या श्रीमती से भी पहले

मराठी कार्डों पर चि. सौ. कां. का पूरा रूप चिरंजीव सौभाग्यकांक्षिणी है। मराठीसृष्टी के एक लेख (22 जून 2018) के अनुसार पुरानी मराठी पत्रिकाओं में बेटे के नाम से पहले सिर्फ़ चिरंजीव लिखा जाता था और बेटी के नाम से पहले यह पूरा जोड़।

ये शब्द हिंदू कार्डों के हैं। निकाह के कई उर्दू कार्डों पर बेटे के नाम से पहले नूर-ए-नज़र (आँखों का नूर) और बेटी के नाम से पहले दुख़्तर-ए-नेक अख़्तर लिखा जाता है, जिसका अर्थ Rekhta Dictionary भाग्यशाली बेटी बताती है; हमारे नमूने अरसलान और इनाया का निकाह में यही शब्द हैं। सिख आनंद कारज और जैन कार्डों के अपने रूप हैं, जिनके लिए किसी ऐसे बड़े से पूछिए जो आपके समुदाय में शादी करा चुका हो।

कौन-सा रूप लिखें, यह व्याकरण से ज़्यादा परिवार की परंपरा का सवाल है। घर के बड़े जो लिखते आए हैं, वही आपके कार्ड के लिए सही है।

श्री गणेशाय नमः और वक्रतुण्ड महाकाय श्लोक का अर्थ क्या है?

॥ श्री गणेशाय नमः ॥ का अर्थ है श्री गणेश को नमस्कार, और ज़्यादातर हिंदू परिवार हर शुभ काम की तरह शादी के कार्ड की शुरुआत भी इसी पंक्ति से करते हैं। इसके नीचे अक्सर वक्रतुण्ड महाकाय श्लोक छपता है, जिसमें गणेश जी से हर काम बिना विघ्न के पूरा करने की प्रार्थना है।

कार्ड के सबसे ऊपर: गणेश वंदना और वक्रतुण्ड श्लोक
॥ श्री गणेशाय नमः ॥ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
गणेश वंदना और वक्रतुण्ड श्लोक, रोमन लिपि में
|| Shri Ganeshaya Namah || Vakratunda Mahakaya Suryakoti Samaprabha, Nirvighnam Kuru Me Deva Sarvakaryeshu Sarvada.
वक्रतुण्ड महाकाय श्लोक का शब्द-दर-शब्द अर्थ, हिंदी और अंग्रेज़ी में
संस्कृतउच्चारणहिंदी में अर्थIn English
वक्रतुण्डVakratundaमुड़ी हुई सूँड वालेwith the curved trunk
महाकायMahakayaविशाल शरीर वालेof mighty body
सूर्यकोटि समप्रभSuryakoti Samaprabhaकरोड़ों सूर्यों के समान तेज वालेas radiant as ten million suns
निर्विघ्नं कुरु मे देवNirvighnam Kuru Me Devaहे देव, मेरे कामों को बिना विघ्न के कर दीजिएO Lord, make my work free of obstacles
सर्वकार्येषु सर्वदाSarvakaryeshu Sarvadaसभी कामों में, हमेशाin every task, always

पूरा अर्थ: हे मुड़ी हुई सूँड और विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी देव, मेरे सभी काम हमेशा बिना विघ्न के पूरे कीजिए। अंग्रेज़ी में: O Lord with the curved trunk and mighty body, as radiant as ten million suns, keep all my work free of obstacles, always. श्लोक का यही पाठ संस्कृति प्रिंटिंग प्रेस की शादी कार्ड वाली मंत्र सूची में भी है, जहाँ गणेश जी के दूसरे मंत्र भी दिए गए हैं।

कई परिवार गणेश जी की पंक्ति के साथ अपनी कुलदेवी या कुलदेवता का नाम भी छापते हैं, यानी वह देवी या देवता जिनकी पूजा परिवार में पीढ़ियों से होती आई है। यह पंक्ति गणेश वंदना के बगल में या ठीक नीचे आती है।

गणेश वंदना के साथ कुलदेवी या कुलदेवता की पंक्ति, दो विकल्प
॥ श्री गणेशाय नमः ॥ ॥ जय [कुलदेवी का नाम] ॥ या ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ ॥ श्री [कुलदेवता का नाम] सहाय ॥
कुलदेवी या कुलदेवता की पंक्ति, रोमन लिपि में
|| Shri Ganeshaya Namah || || Jai [kuldevi ka naam] || ya || Shri Ganeshaya Namah || || Shri [kuldevta ka naam] Sahay ||

शुभ मिति, पाणिग्रहण और प्रीतिभोज का मतलब क्या है? (कार्यक्रम और भोजन के शब्द)

कार्ड के कार्यक्रम वाले हिस्से के ज़्यादातर शब्द संस्कृत से आए हैं और रोज़ की बोलचाल में कम सुनाई देते हैं। पाणिग्रहण का मतलब है वधू का हाथ थामना, यानी विवाह का मुख्य संस्कार, और प्रीतिभोज का मतलब है प्रेम से कराया गया भोजन, यानी शादी की दावत।

कार्ड के कार्यक्रम, स्थान और भोजन वाले हिस्से के 11 शब्द
शब्दउच्चारणमतलबIn English
शुभ मितिShubh Mitiशुभ तिथि; पुराने ढंग के कार्डों पर तारीख़, अक्सर पंचांग के महीने और तिथि के साथthe auspicious date
लग्न, लगनLagna, Laganविवाह का शुभ समय; लग्न पत्रिका वह चिट्ठी है जिसमें वधू पक्ष तय तिथि वर पक्ष को भेजता हैthe auspicious hour; the letter that fixes the date
पाणिग्रहणPanigrahanपाणि (हाथ) और ग्रहण (थामना): वधू का हाथ थामना, विवाह का मुख्य संस्कारthe wedding rite, literally taking the hand
फेरेPhereअग्नि के चारों ओर वर-वधू के सात फेरेthe seven rounds of the sacred fire
हस्त मिलापHast Milapवर-वधू के हाथ मिलाने की रस्म; गुजराती और कुछ दूसरे परिवारों के कार्ड परthe joining of hands
प्रीतिभोजPreetibhojप्रेम से कराया गया भोजन, शादी की दावतthe wedding dinner
स्वरुचि भोजSwaruchi Bhojअपनी रुचि से लिया जाने वाला भोजन, यानी बुफ़ेa buffet dinner
निवास स्थानNiwas Sthanपरिवार का घर, जहाँ घर के कार्यक्रम होते हैंthe family's home
विवाह स्थलVivah Sthalजहाँ विवाह होगा: बैंक्वेट हॉल, मैरिज गार्डन, धर्मशाला या घरthe wedding venue
सपरिवार सादर आमंत्रितSapariwar Saadar Aamantritआप अपने पूरे परिवार के साथ आदर सहित बुलाए गए हैंyou and your family are respectfully invited
कृपया पधारेंKripya Padhareinकृपया आइए; पधारना आने का आदर भरा रूप हैplease do come

शुभ मिति का मिति (जिसे मिती भी लिखते हैं) Platts के हिंदुस्तानी शब्दकोश में तिथि और तारीख़ के अर्थ में दर्ज है, और लग्न पत्रिका लिखने का पारंपरिक ढंग कर्मकांड विधि के लग्न पत्रिका वाले पेज पर है। फेरों या पाणिग्रहण का समय कार्ड पर वही लिखें जो आपके पंडित जी ने मुहूर्त बताया हो, या सिर्फ़ 'शुभ मुहूर्त में' लिख दें।

बाल मनुहार क्या है और कार्ड में कहाँ लिखते हैं?

बाल मनुहार कार्ड पर घर के छोटे बच्चों की ओर से लिखी एक-दो पंक्तियाँ हैं, जिनमें वे मेहमानों से शादी में आने की प्यार भरी ज़िद करते हैं। मनुहार का अर्थ है मनाने के लिए की गई मीठी विनती, और यह पंक्ति अक्सर कार्ड के नीचे, विनीत या स्वागतोत्सुक के पास छपती है।

पंक्ति के नीचे बच्चों के घर के नाम लिखे जाते हैं, जैसे चीकू, पीहू या गोलू, और कई परिवार इसे बच्चों की तोतली बोली में लिखते हैं। कुछ कार्डों पर इसका शीर्षक बाल आग्रह या मीठी मनुहार होता है। घर में छोटे बच्चे न हों तो इसे छोड़ा जा सकता है। नीचे के दोनों उदाहरण इसी लेख के लिए लिखे गए हैं।

भतीजे-भतीजियों की ओर से, चाचा की शादी पर, हिंदी
चाचू घोड़ी चढ़ेंगे और हम बैंड के आगे नाचेंगे। आप नहीं आए तो हमारा नाच अधूरा रह जाएगा। ज़रूर आना। [बच्चों के घर के नाम]

चाचू की जगह बुआ, मौसी, भैया या दीदी लिखें, जिसकी भी शादी हो। लड़की की शादी हो तो घोड़ी वाली बात की जगह मेहंदी या डोली की बात लिख सकते हैं।

भतीजे-भतीजियों की ओर से, चाचा की शादी पर, रोमन लिपि में
Chachu ghodi chadhenge aur hum band ke aage nachenge. Aap nahin aaye to hamara naach adhoora reh jayega. Zaroor aana. [bachchon ke ghar ke naam]
भांजे-भांजियों की ओर से, मामा की शादी पर, हिंदी
मामा की शादी में आपके लिए मिठाई की प्लेट और सबसे आगे वाली कुर्सी, दोनों हमने बचाकर रखी हैं। बस आप समय पर आ जाना। [बच्चों के घर के नाम]
भांजे-भांजियों की ओर से, मामा की शादी पर, रोमन लिपि में
Mama ki shaadi mein aapke liye mithai ki plate aur sabse aage wali kursi, dono hamne bachakar rakhi hain. Bas aap samay par aa jana. [bachchon ke ghar ke naam]

संयुक्त परिवार हो या माता-पिता में से कोई न रहे, तो नाम कैसे लिखें?

संयुक्त परिवार या किसी बड़े के न रहने पर नाम लिखने का कोई एक नियम नहीं है, और ज़्यादातर परिवार वही करते हैं जो घर के सबसे बड़े सदस्य तय करें। नीचे वे तरीक़े हैं जो बहुत से कार्डों पर दिखते हैं; इन्हें घर के बड़ों के सामने विकल्प की तरह रखिए।

  • संयुक्त परिवार: विनीत में दूल्हे या दुल्हन के माता-पिता, और दर्शनाभिलाषी में ताऊ, चाचा और बड़े भाइयों के परिवार, बड़े से छोटे के क्रम में। अगर दादा जी घर के मुखिया हैं, तो कई परिवार विनीत में उनका नाम लिखते हैं।
  • पिता नहीं रहे: उनका नाम स्व. लगाकर शुभाशीर्वाद या पुण्य स्मृति में, और परिचय की पंक्ति में 'सुपुत्र स्व. श्री [पिता का नाम] एवं श्रीमती [माता का नाम]'। विनीत में माँ का नाम, और परिवार चाहे तो साथ में ताऊ, चाचा या बड़े भाई का नाम।
  • माँ नहीं रहीं: उनका नाम स्व. के साथ शुभाशीर्वाद में, और विनीत में पिता का नाम। परिचय की पंक्ति में भी माँ का नाम स्व. के साथ रखा जा सकता है, ताकि उनका नाम कार्ड से छूटे नहीं।
  • दोनों माता-पिता न रहे हों: दोनों के नाम स्व. के साथ शुभाशीर्वाद में, और विनीत में वह बड़ा जो शादी करा रहा है: दादा जी, ताऊ, चाचा, मामा या बड़ा भाई।
  • घर के दो मुखिया हों, जैसे साथ रहने वाले दो भाई: विनीत में दोनों के नाम, बड़े भाई का पहले, और नीचे 'एवं समस्त [उपनाम] परिवार'।

निमंत्रण लिंक पर ये शब्द कहाँ आते हैं?

निमंत्रण लिंक, यानी WhatsApp पर भेजी जाने वाली invitation website पर भी विनीत, दर्शनाभिलाषी, बाल मनुहार, चि. और सौ.कां. उसी क्रम में आ सकते हैं जिसमें वे छपे कार्ड पर आते हैं। फ़र्क़ एक है: छपा कार्ड सबके लिए 'आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं' लिखता है, जबकि हर मेहमान के अपने लिंक पर उसका नाम आता है।

हमारे नमूने कार्तिक संग नैना में कार्ड वाला पूरा क्रम है: ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ और वक्रतुण्ड श्लोक, चि. कार्तिक और सौ.कां. नैना के साथ दोनों के माता-पिता और दादा-दादी के नाम, बच्चों की तोतली बोली में बाल मनुहार, और दर्शनाभिलाषी, स्वागतोत्सुक, ननिहाल पक्ष और विनीत की सूचियाँ। दूल्हे के दिवंगत दादा जी का नाम स्व. के साथ शुभाशीर्वाद में है। नमूने के सारे नाम काल्पनिक हैं।

शर्मा परिवार के लिए बना इसी नमूने का लिंक खोलें, तो कवर पर 'आप सपरिवार' की जगह उनका नाम लिखा आता है, और WhatsApp पर भेजे गए लिंक के preview में भी। परिवार ऐसे जितने चाहे लिंक, हर मेहमान के नाम से, ख़ुद बना सकता है।

दो लाइव शादी के नमूने, जिनमें छपे कार्ड जैसे हिंदी शब्द हैं: जयपुर की शादी, कार्तिक संग नैना, और दिल्ली की शादी, माधव संग रूही।

कार्ड या लिंक के साथ WhatsApp पर कौन-सा छोटा संदेश लिखें, इसके लिए शादी के निमंत्रण के WhatsApp संदेश वाला लेख देखिए। डिजिटल कार्ड बनाने के तरीक़े और ख़र्च शादी का डिजिटल कार्ड कैसे बनाएं में हैं।

Sadar Nimantran (sadarnimantran.in) उत्तर भारत के पारिवारिक मौक़ों के लिए एनिमेटेड निमंत्रण वेबसाइट बनाने वाला स्टूडियो है; यह कार्ड नहीं छापता और वीडियो फ़ाइलें नहीं बेचता। आपके छपे कार्ड के शब्द, विनीत से बाल मनुहार तक, हम उसी क्रम में लिंक पर लिख सकते हैं। हमारे Parivar पैकेज में पूरी शादी, दर्शनाभिलाषी की सूचियाँ, बाल मनुहार और हिंदी-अंग्रेज़ी दोनों आते हैं, ₹1,999 में (सूची मूल्य ₹3,999; यह सीमित समय का लॉन्च ऑफ़र है), और बाक़ी विवरण पैकेज पेज पर है। शादी के सारे डिज़ाइन WhatsApp wedding invitation card वाले पेज पर हैं, और बाक़ी मौक़ों के भी सभी लाइव नमूने खोलकर देखे जा सकते हैं।

लोग अक्सर पूछते हैं

विनीत, दर्शनाभिलाषी और स्वागतोत्सुक में किसका नाम लिखें?

विनीत में वे लोग लिखे जाते हैं जो निमंत्रण भेज रहे हैं, आम तौर पर दूल्हे या दुल्हन के माता-पिता या घर के मुखिया। दर्शनाभिलाषी में चाचा-ताऊ, बुआ-फूफा और बड़े भाई जैसे क़रीबी रिश्तेदार आते हैं, और स्वागतोत्सुक में भाई, भतीजे, जीजा और दोस्त, जो मेहमानों का स्वागत करेंगे। हर परिवार का चलन थोड़ा अलग है, इसलिए एक बार बड़ों से पूछ लें।

शादी कार्ड पर दूल्हे के नाम के आगे चि. और दुल्हन के नाम के आगे सौ. क्यों लिखा जाता है?

दोनों शब्द आशीर्वाद हैं। चि. यानी चिरंजीवी, दूल्हे के लिए लंबी उम्र की कामना है। दुल्हन के आगे का सौ.कां. (सौभाग्यकांक्षिणी) सौभाग्य की कामना है और अविवाहित लड़की के लिए ठीक बैठता है, जबकि अकेला सौ. आम तौर पर सौभाग्यवती, यानी विवाहित स्त्री, के लिए लिखा जाता है। फिर भी बहुत से कार्ड दुल्हन के आगे छोटा सौ. ही छापते हैं।

चि. सौ. कां. का मतलब क्या है?

चि. सौ. कां. का पूरा रूप चिरंजीव सौभाग्यकांक्षिणी है, यानी लंबी उम्र वाली और सौभाग्य की कामना करने वाली। यह अविवाहित दुल्हन के नाम से पहले लिखा जाता है, ख़ासकर मराठी लग्न पत्रिका में। हिंदी कार्डों पर अक्सर इसका छोटा रूप सौ.कां. ही छपता है।

Darshanabhilashi meaning in English क्या है?

Darshanabhilashi का अंग्रेज़ी अर्थ है 'those who long to see you', यानी वे लोग जो आपसे मिलने की राह देख रहे हैं। यह दर्शन (देखना, मिलना) और अभिलाषी (इच्छा रखने वाला) से बना है। इसी तरह vineet या vinit का अर्थ है 'humbly', यानी विनम्रता से बुलाने वाले, और swagatotsuk का 'eager to welcome you'।

बाल मनुहार क्या होता है और कार्ड में कहाँ लिखते हैं?

बाल मनुहार घर के छोटे बच्चों की ओर से एक प्यार भरी पंक्ति है, जैसे चाचू की शादी में ज़रूर आने की ज़िद। यह आम तौर पर कार्ड के नीचे, विनीत या स्वागतोत्सुक के पास छपती है, और इसके नीचे बच्चों के घर के नाम लिखे जाते हैं। कुछ कार्ड इसे बाल आग्रह या मीठी मनुहार कहते हैं।

अगर पिता जी नहीं रहे तो कार्ड में नाम कैसे लिखें?

बहुत से परिवार पिता जी का नाम स्व. लगाकर शुभाशीर्वाद या पुण्य स्मृति के नीचे लिखते हैं, और दूल्हे या दुल्हन के परिचय में भी 'सुपुत्र स्व. श्री' के साथ उनका नाम रखते हैं। विनीत में माँ का नाम आता है, और परिवार चाहे तो साथ में ताऊ, चाचा या बड़े भाई का नाम भी। आख़िरी फ़ैसला घर के बड़ों का हो।

वक्रतुण्ड महाकाय श्लोक का अर्थ क्या है?

यह गणेश जी की प्रार्थना है: मुड़ी सूँड और विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों जैसे तेजस्वी देव से विनती कि वे हर काम को हमेशा बिना विघ्न के पूरा करें। शादी जैसे शुभ काम की शुरुआत में यही प्रार्थना की जाती है, इसलिए यह श्लोक कार्ड पर श्री गणेशाय नमः के ठीक नीचे छपता है।

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